जिसका जन्म दो बार हुआ हो वह द्विजोत्तम कहा जावेगा । प्रथम बार जन्म प्रकृति
के संसार में एक सामान्य मनुष्य पुत्र के रूप में हुआ है । पुन: शिक्षा का लक्ष्य
आत्मज्ञान कराना होता है, शिक्षा के प्रभाव से आत्मज्ञान के क्षेत्र में प्रवेश
दूसरे जन्म के समान होता है । मनुष्यों में उत्तम पुरुष जिसका जन्म दो बार हुआ है
द्विजोत्तम । प्रकृति की गोद में पैदा हुआ शिशु आत्मज्ञान के लोक में प्रौढ हुआ ।
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