बज्र संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका
अर्थ होता है “अविध्वंसनीय” तथा “अविनष्टनीय”। इस शब्द का धार्मिक प्रयोजनों में
एक अस्त्र के रूप में प्रयोग किया जाता है विषेसतया ऐसे प्रयोजनों जहाँ ग्रहणकर्ता
वस्तु को किसी बाह्य बाधा से रक्षित करना लक्ष्य होया है । वस्तु की रक्षा के
लिये अविध्वंसनीय तथा अविनष्टनीय अस्त्र ।
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