वेदों में वर्णित देवताओं में
“स्कंद” एक प्रसिद्ध देवता हैं । इन्हे भगवान शिव का पुत्र बताया गया है । इनके
अन्य प्रलित तनाम “कीर्तिकेय” “मरुगन” सुब्रामन्या” हैं । स्कंद पुराण में
“कार्तिकेय” की लीलाओं का प्रचुर वृतांत है । ज्ञातव्य है कि स्कंद पुराण समस्त 18
पुराणों में सबसे अधिक लेख सामग्री का धारक है ।
एक संदेश
अपने चेतन स्वरूप
के प्रति सचेत होवें । चेतन स्वरूप जो कि सदैव अपने स्वरूप में स्थिर रहता है । आप
चाहे जागृत दशा में हैं अथवा स्वप्न दशा में है अथवा गहरी नीद की दशा में हैं चेतन
स्वरूप सदैव अपने चेतन स्वरूप में ही रहता है । इस चेतन स्वरूप के प्रति निरंतर सचेत रहना
आपकी पूर्णता है ।
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