प्रहलाद को दैत्यों के राजा हिरण्य
कष्यप का पुत्र बताया गया है । यह दैत्यों के वन्श परम्परागत स्वभाव के विपरीत
भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे । यहाँ तक कि अपने पिता राजा के आदेशों के विरुद्ध
एवं राजा के द्वारा उत्पन्न की गई अनेक यातनाओं को भोगते हुये भी यह अपनी विष्णु
भक्ति को सतत् ज़ारी रखे हुये थे । भगवद्पुराण में इनकी प्रचुर कथायें वर्णित है ।
इन्हे भक्ती का आदर्ष माना जाता है ।
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