भगवद्गीता
शुक्रवार, 4 नवंबर 2016
समुद्र
पृथ्वी के समस्त क्षेत्र के 71% भाग में लगभग 14.108 घन कीलो मीटर समुद्र का जल फैला हुआ है । इस जल के व्यापकता से ज्ञान का जिज्ञासु ब्रम्ह की व्यापक अखण्ड अस्तित्व की कल्पना ग्रहण करता है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें