भगवद्गीता
सोमवार, 7 नवंबर 2016
“ॐ”
धर्म के क्षेत्रमें “ॐ” शाश्वत् ध्वनि है । इसे आत्मप्रतीक के रूप में प्रयोगकिया जाता है । यह एक मंत्र है । इस मंत्र की मान्यता हिंदू धर्म
,
जैनधर्म और बौद्धधर्म में एक समान है ।
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