भगवद्गीता
शुक्रवार, 12 जनवरी 2018
सन्देह समाप्त
अर्जुन गुरू द्वारा पूछे गये प्रश्न का उत्तर देते हुये कहता है कि हे अच्युत (श्रीकृष्ण) आपकी कृपा से मेरा मोंह नष्ट हो गया है और स्मृति लौट आयी है । अब मेरे सन्देह समाप्त हो गये हैं और मैं स्थिर हो गया हूँ । मैं आप के कहे के अनुसार कार्य करूँगा ।
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