भगवद्गीता
गुरुवार, 4 जनवरी 2018
त्रुटि से रक्षा
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि सब कर्तव्यों को छोडकर तुम केवल मेरी शरण में आ जाओ । तुम दु:खी मत हो
,
मैं तुम्हे तुम्हारे समस्त पापों से मुक्त कर दूँगा ।
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