भगवद्गीता
सोमवार, 8 जनवरी 2018
बढकर प्रिय
अपने उपर आश्रित भक्त के विषय में और आगे बताते हुये योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बताये कि मनुष्यों में उससे अधिक प्रिय
,
मेरा कार्य करने वाला दूसरा कोई नहीं है
,
और सन्सार में उससे बढकर प्रिय मुझे दूसरा कोई होगा भी नहीं ।
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