भगवद्गीता
मंगलवार, 2 जनवरी 2018
मेरा आश्रित बन
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि तुम अपने मन को मुझ में लगा
,
मेरा आश्रित बन
,
मेरे लिये यज्ञ कर
,
मुझे प्रणाम कर । इस प्रकार तुम मुझ तक पहुँच जायेगा । मैं तुम्हे सचमुच इस बात का वचन देता हूँ क्योंकि तुम मुझे प्रिय हो ।
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