भगवद्गीता
सोमवार, 31 अक्टूबर 2016
रूप विस्तार चरण 4
ब्रम्ह को अधिक सक्षमता से प्रगट करने वाले रूपोंकी गणनाको और आगे बढाते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण बोले हे अर्जुन विद्वान पुजारी संतों में मुझे ब्रहस्पति जानो
,
वीर सेनापतियों में में मुझे स्कंध जानो
,
और जलाशय तालाबों में मुझे समुंद्र जानो ।
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