गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को
भक्त के लक्षणों को बताते हुये कहे कि जो व्यक्ति ना ही किसी को रिझाता है ना ही
किसी से घृणा करता है ना ही किसी को दु:ख देता है ना ही कोई इच्छा करता है जिसने
अच्छे और बुरे से सम्बंध तोड दिया है ऐसा भक्त मुझे प्रिय है ।
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