भगवद्गीता
शुक्रवार, 7 अप्रैल 2017
ध्यान-साधना
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि यदि कंचिद व्यक्ति अपने मस्तिष्क को मुझपर पूर्ण केंद्रित नरने में समर्थ ना हो सके तो उसे ध्यान
-
साधना
,
सांद्रता के पथ से एकाग्रता का अभ्यास करना चाहिये ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें