भगवद्गीता
शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
क्षेत्र का विस्तार
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि इच्छा और द्वेष
,
सुख और दु:ख
,
स्थूल देह पिण्ड (शरीर)
,
बुद्धि और दृढता को भी
,
सक्षेप में विक्षेपों सहित क्षेत्र बताया जाता है ।
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