मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

भक्त के लक्षण : 7

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को भक्त के लक्षणों को बताते हुये कहे कि जो व्यक्ति निंदा और अस्तुति दोनो ही स्थितियों में मौन रहकर समभाव से आचरण करता है, जो किसी स्थिर निकेत के लिये उद्यत नहीं होता है, जिसे जो कुछ भी प्रकृति प्रदत्त उसे प्राप्त होता है, उसमें संतुष्ट रहता है, जो अपने मस्तिष्क में दृढ है, ऐसे भक्त को मैं प्रिय मानता हूँ । 

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