रविवार, 9 अप्रैल 2017

इच्छारहित कर्म

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति अपने समस्त कर्मों को मुझे समर्पित करके करने में भी सफल ना हो सके वह प्रकृति द्वारा प्रेरित कर्मों को बिना किसी फल प्राप्ति की कामना से करने का अभ्यास करे ।

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