गुरुवार, 6 अप्रैल 2017

मुक्ति पथ

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति अपने मस्तिष्क को मुझपर केंद्रित करके, अपने हृदय में मुझे धारणकर, मुझमें ही जीवन जीता है, वह मुझे प्राप्त करता है इसमें किसी भी भाँति संशय नहीं है । 

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