सत्य को जानना । सत्य की मर्यादा के अनुरूप जीवन यापन करना । यह
प्रकाश के दिन में जीवन जीना है । अज्ञान के भ्रम में जीवन जीना । मोंह की रात्रि
में जीवन जीना है । ज्ञान के प्रकाश में जीवन जीने का फल होगा मोंह से मुक्ति फलत:
मोक्ष । इसके विपरीत अज्ञान की परिधि में मोंह के भ्रम में जीवन जीना । पुनर्जन्म
के पथ पर चलते जाना है । द्वैतो का त्रास भोगने का जीवन जीना है ।
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