बुधवार, 30 मार्च 2016

विलक्षण रहस्य

ब्रम्ह के रहस्य को बताते हुये योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि इसपर भी रूप धारी जीव मुझमें एक आश्रय के रूप में रहते नहीं हैं । हे पार्थ इस रहस्य को जानो । यहाँ तक कि मेरी उच्चतर प्रकृति आत्मा जो कि इस रूप संसार के जीवों को आश्रय देती है वह भी मुझमें नहीं रहती है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें