ब्रम्ह का साक्षात् अनुभव पाने को सचेष्ट व्यक्ति के लिये
सर्वोच्च महत्वपूर्ण होगा कि वह अपनी आठ वर्गीय निम्नतर प्रकृति को अपनी उच्चतर
प्रकृति आत्मा के प्रति पूर्ण समर्पित कर देवें । यही दशा सतत् का अभ्यास बन जाने
पर व्यक्ति ब्रम्ह का साक्षात् अनुभव करेगा ।
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