भगवद्गीता
शनिवार, 12 मार्च 2016
मोंह से मुक्त योगावस्था
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा हे अर्जुन जो व्यक्ति इन ज्ञान और अज्ञान के पथ को जानता हैं वह मोंह के भ्रम से ग्रसित नहीं होता है तथा ब्रम्ह के साथ युत् रहते हुये ब्रम्ह की शांति का भोग करता है ।
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