गुरू द्वारा सत्य के सम्बंध में दिये गये उपदेश को व्याख्याकार
राज़ विद्या की उपाधि देता है । कहता है कि यह समस्त विद्याओं की राजा है । सत्य ही
इस ज्ञात संसार का ज्ञेय सर्वोच्च रहस्य है । इसलिये इस सत्य को जानना इस संसार के
सर्वोच्च रहस्य को जानना है । समस्त रूप संसार प्रकृति द्वारा निर्मित है जबकि
सत्य मौलिक स्वत: अस्तित्व है । सर्वोच्च पवित्र है । समस्त रूप संसार विनाशशील है
जबकि सत्य अक्षर है ।
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