भगवद्गीता
बुधवार, 16 मार्च 2016
दोष से रक्षित
ज्ञान के प्रकाश में जीवन जीना हित है । अज्ञान का धुंध हमें धरोहरि में मिली है । गुरू सत्य का ज्ञान कराने के लिये शिष्य को अज्ञान के कु-प्रभाव से रक्षित करने के उद्देष्य से उसे प्रकृतीय मोंह से उबारने के लिये विज्ञान की शिक्षा देते हैं ।
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