गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि धुँआ, रात्रि, माह का वह आधा भाग जब चंद्रमा आकाश में नहीं उदय होता है, वर्ष का वह छ: माह जिसमें सूर्य प्रथ्वी के
दक्षिणी भाग मे होता है की अवधियों में जो व्यक्ति मोंह से मुक्त होता है वह पुन:
मोंह में वापस लौटता है ।
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