भगवद्गीता
रविवार, 14 जून 2015
बलिदान : चरण 3
बलिदान का स्वरूप विस्तार बताते हुये
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि कुछ लोग ब्रम्ह को बलि अर्पित करते हैं
,
जबकि कुछ दूसरे व्यक्ति बलि को ब्रम्ह की अग्नि में अर्पित करते हैं ।
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