भगवद्गीता
मंगलवार, 16 जून 2015
बलिदान : चरण 5
बलिदान के उपदेश की श्रंखला को आगे बढाते हुये
गुरू योगेश्वर
श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि कुछ लोग समस्त इंद्रियों के कर्मों को आत्मा की ज्योति से संतृप्त पावन विवेक की अग्नि को अर्पित करते हैं ।
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