गुरू
योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति अज्ञान के प्रभाव में जीवन जीता
है,
जिसे ज्ञान के प्रति आस्था नहीं है, वह व्यक्ति अपने विध्वंस के पथ पर चलता
है । व्याख्या – गुरू का उपरोक्त कथन इस बात को बल देता है कि मनुष्य को सही
के चुनाव का विवेक ही जीवन का सत्य आधार प्रदान करता है ।
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