भगवद्गीता
शनिवार, 27 जून 2015
आत्मज्ञान सात्विकतम्
आत्मज्ञान के समस्त विस्तार को बताने के उपरांत गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि इस संसार का यह सात्विकतम् ज्ञान है जिसे कि जिज्ञासु
उपलब्ध हो जाने पर स्वयं अनुभव करेगा कि यह परम् ब्रम्ह की सात्विकता का ही प्रतिबिम्ब है ।
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