रविवार, 28 जून 2015

आस्था अनिवार्य

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन से बताया कि जिसे आत्मज्ञान पाने की उत्कण्ठा है, जो इस आत्मज्ञान पाने की उत्कण्ठा में लीन होकर अपने इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखते हुये प्रयत्न करता है उसे आत्मज्ञान अवश्य मिलता है, जिसे मिलने से वह ब्रम्ह की दिव्य शांति की अनुभूति करता है । 

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