मंगलवार, 1 अगस्त 2017

धारण पोषण

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुनको बताये कि इस पृथ्वी में प्रविष्ट होकर मैं अपनी प्राण शक्ति द्वारा सब प्राणियों को धारण करता हूँ, और रस से भरा हुआ सोम (चंद्रमा) बनकर मैं सब जडी बूटियों (या बनस्पतियों) का पोषण करता हूँ । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें