भगवद्गीता
बुधवार, 23 अगस्त 2017
क्रमिक इच्छायें
असुरीय स्वभाव वाले लोगो के श्रेयों के विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि यह आज मैंने प्राप्त कर लिया है
,
इस इच्छा को मैं पूरा कर लूँगा । यह मेरा है और यह धनभी (भविष्य में) मेरा हो जायेगा.......
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