असुरीय स्वभाव वाले लोगो के विषय
में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि असुरी योनियों में पडे
हुये ये मूढ प्राणी जन्म-जन्मांतर में भी मुझे प्राप्त नहीं कर पाते, अपितु हे कुंती के पुत्र (अर्जुन), ये निम्नतम दशा की ओर ही गिरते जाते हैं ।
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