गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि इस
संसार में दो प्रकार के प्राणीयों का सृजन किया गया है । दैवीय और दूसरे असुरीय ।
दैवीय स्वभाव वालों का विस्तार से वर्णन किया जा चुका है । हे पार्थ (अर्जुन), अब तू मुझसे असुरीय स्वभाव वाले लोगों के
विषय में सुन ।
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