रविवार, 27 अगस्त 2017

मिथ्या गर्व

असुरीय स्वभाव वाले लोगोके विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि मिथ्या गर्व में भूले, हठी, अभिमान और धन के अहंकार से भरे वे उन यज्ञों को, जो केवल नाम के यज्ञ होते हैं, पाखण्ड के भाव के साथ और नियमों का ध्यान रखे बिना करते हैं । 

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