भगवद्गीता
सोमवार, 7 अगस्त 2017
पुरुषोत्तम
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुनको बताये कि क्योंकि मैं क्षर (नश्वर) से ऊपर हूँ और अक्षर से भी ऊपर हूँ
,
इसलिये इस संसार में और वेदों में मैं ही पुरुषोत्तम जाना जाता हूँ ।
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