असुरीय स्वभाव वाले लोगो के श्रेयों
के विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि कभी तृप्त न
होने वाली लालसा के वशीभूत होकर पाखण्ड,
अत्यधिक अभिमान और अहंकार से युक्त मूढता के कारण गलत दृष्टिकोण अपनाकर वे अपवित्र
निश्चयों के अनुसार कार्य करते हैं.......
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