रविवार, 20 अगस्त 2017

अपवित्र निश्चय

असुरीय स्वभाव वाले लोगो के श्रेयों के विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि कभी तृप्त न होने वाली लालसा के वशीभूत होकर पाखण्ड, अत्यधिक अभिमान और अहंकार से युक्त मूढता के कारण गलत दृष्टिकोण अपनाकर वे अपवित्र निश्चयों के अनुसार कार्य करते हैं....... 

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