असुरीय स्वभाव वाले लोगो के श्रेयों
के विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि इस शत्रु को
मैंने मार डाला है और अन्य शत्रुओं को मैं मार डालूँगा, मैं ईशवर हूँ, मैं उपभोग करने वाला हूँ, मैं सफल हूँ, मैं बलवान हूँ और सुखी हूँ.......
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