बुधवार, 9 अगस्त 2017

रहस्यपूर्ण सिद्धांत

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि इस प्रकार हे पापरहित (अर्जुन), मैंने तुझे यह सबसे अधिक रहस्यपूर्ण सिद्धांत बता दिया है । हे भारत (अर्जुन), इसको जानने के बाद मनुष्य ज्ञानी बन जाता है और उसके सब कर्तव्य पूर्ण हो जाते हैं ।

इस प्रकार “पुरुषोत्तम योग” नामक पंद्रहवाँ अध्याय पूर्ण हुआ । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें