मंगलवार, 8 अगस्त 2017

भ्रांतिहीन होकर

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो कोई भ्रांतिहीन होकर मुझ पुरुषोत्तम को इस प्रकार जान लेता है, समझो कि उसने सब कुछ जान लिया है । हे भारत (अर्जुन), वह अपनी सम्पूर्ण आत्मा से मेरी उपासना करता है । ज्ञान भक्ति की ओर ले जाता है । 

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