भगवद्गीता
शनिवार, 26 अगस्त 2017
अपवित्र नरक
असुरीय स्वभाव वाले लोगोके विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि अनेको विचारों के कारण भ्रांत
,
मूढता के जाल में फँसे हुये और इच्छाओं की तृप्ति के आदी बने वे अपवित्र नरक में गिरते हैं ।
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