भगवद्गीता
शनिवार, 11 जुलाई 2015
मार्ग
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि हे महाबाहो बिना योग की स्थिति को अपनाये इच्छाओं का त्याग कठिन होता है । जो संत पुरुष योग की स्थिति में कार्य का अभ्यास करता है उसे शीघ्र ही आत्मज्ञान मिलता है ।
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