भगवद्गीता
शुक्रवार, 24 जुलाई 2015
ज्ञानेन
ज्ञान जो कि आत्मा और प्रकृति के द्वैत के भेद का बोध कराता है । नित्य आत्मा और विनाशशील प्रकृति का भेद बोध । स्वतंत्र अस्तित्व आत्मा और पराधीन प्रकृति के मध्य भेद । इस भेद को अनुभव करने वाला ज्ञानी होता है ।
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