रविवार, 26 जुलाई 2015

साधना विधि

 सर्वोच्च उपलब्धि तक पहुँचने का उपाय बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि जो व्यक्ति परम् ब्रम्ह का चिंतन करते हुये, परम् ब्रम्ह का ध्यान अपने विवेक में धारण करने के लिये अपनी समस्त उर्जा को व्यय करता है, परम् ब्रम्ह को जानना और पाना अपना सम्पूर्ण लक्ष्य बना लेता है, अपनी समस्त श्रद्धा को परम् ब्रम्ह में निवेश करता है वह व्यक्ति एक ऐसी दशा को प्राप्त होता है जहाँ से फिर अज्ञान के लोक में लौटने का भय नहीं रह जाता है । उसके समस्त कर्म दोष उचित के विवेक के प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं । 

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