भगवद्गीता
गुरुवार, 11 फ़रवरी 2016
समस्वर
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुनको बताये कि जो व्यक्ति सतत् मेरा ध्यान करता है
,
मेरा ध्यान करना उसका सतत् अभ्यास बन जाता है
,
उसका ध्यान विचलित होकर किसी अन्य में जाता ही नहीं है हे अर्जुन ऐसा व्यक्ति ही ब्रम्ह तक पहुँच पाता है ।
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