शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

ब्रम्हा पर्यंत

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि ब्रम्हा पर्यंत जीव कोटि की जितनी भी रचनायें हैं उन सभी का पुनर्जन्म होता है, परंतु जो व्यक्ति मुझ तक पहुँच जाता है उसका पुनर्जन्म नहीं होता है । 

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