भगवद्गीता
शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2016
निर्विघ्न एकाग्रता
विष्णु परम् पद पाने का उपाय बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि व्यक्ति को अपने शरीरके नौ द्वारों को नियंत्रित रखते हुये
,
मस्तिष्क को धारणा में स्थिर करके
,
प्राण को मस्तक में एकत्रित करके ब्रम्ह के ध्यान में संलग्न होवें ।
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