गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जिस अक्षर स्थिति
को वेदों में विष्णु परम् पद बताया गया है, जिस स्थिति को तपस्वी मोंह का त्याग करने पर पाता है, जिस स्थिति को पाने के लिये तपस्वी
आत्मसंयम का जीवन जीते हुये साधना करता है, मैं तुम्हे संक्षेप में वह बताऊँगा ।
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