भगवद्गीता
शनिवार, 10 दिसंबर 2016
अकार
संस्कृत भाषा की वर्णमाला का प्रथम अक्षर वैदिक साहित्य का प्रथम अक्षर है । अकार के सन्योग होने से ही कोई भी ध्वनि सम्भव होती है । इस प्रकार ध्वनि का मूल है “अकार” । इस रूप में यह ब्रम्ह स्वरूप है ।
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