गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

बृहतसम

सामवेद जो कि गायन के डृष्टिकोण से अन्य तीन वेदों की अपेक्षा अधिक सम्पन्न बताया जाता है में निहित देवताओं को प्रसन्न करने वाले गायन के गीतों में देवताओं के राजा इन्द्र की प्रसन्नता के लिये गाया जाने वाला गीत “बृहतसम” है । इसका गायन काल मध्य रात्रि होती है । इसकी राग अत्यंत मधुर है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें