सामवेद जो कि गायन के डृष्टिकोण से
अन्य तीन वेदों की अपेक्षा अधिक सम्पन्न बताया जाता है में निहित देवताओं को
प्रसन्न करने वाले गायन के गीतों में देवताओं के राजा इन्द्र की प्रसन्नता के लिये
गाया जाने वाला गीत “बृहतसम” है । इसका गायन काल मध्य रात्रि होती है । इसकी राग अत्यंत
मधुर है ।
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