भगवद्गीता
बुधवार, 28 दिसंबर 2016
घबराहट का क्षय
गुरू के अब तक के उपदेश द्वारा अर्जुन के ऊपर जो प्रभाव हुआ उसे व्यक्त करते हुये अर्जुन कहता है कि चर्मोत्कर्ष ज्ञेय के विषय में आपके द्वारा मुझे जो भी दीक्षा मिली उसके प्रभाव से मुझमें जो घबराहट व्याप्त हो गई थी वह नियंत्रित हो गई है ।
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